भारती परिमल
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| Gender | Female |
|---|---|
| Industry | Education |
| Occupation | Teacher |
| Location | Bhopal, Madhya Pradesh, India |
| Introduction | एक हिंदी शिक्षिका होने के कारण मैँ मानती हूँ कि ‘‘जब तक विचारों को शब्द के साँचे में न ढाला जाए, आत्मा बेचैन रहती है। बेचैनी दूर करने के लिए कुछ ऐसा लिखना होता है, जो दिल को सुकून देता हो। एक बार आँसू साथ छोड़ दें, पर शब्द हमेशा साथ देते हैं। इसलिए शब्दों से दोस्ती कीजिए और विचारों की गहराई तक इन्हें अपने साथ रखें।” साथ ही अपनी रूचि को पूरा करने के लिए दिन के चौबीस घंटों में से 25 वाँ घंटा हमें खुद ही निकालना होता है। यही होता है फुरसत का दौर… इस दौर की शुरूआत करने का एक प्रयास है – ब्लॉग् – कभी फुरसत में… bhartiparimal@gmail.com |

