Dr.Ajit
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| Gender | Male |
|---|---|
| Industry | Education |
| Occupation | Asstt.Professor |
| Location | Haridwar, Uttarakhand, India |
| Introduction | देहाती,भदेस,असामाजिक जिससे सभी मित्र,रिश्तेदार अक्सर नाराज रहते है और घमंडी भी कहते है ऐसा आवारा किस्म का इंसान जो बोलता ज्यादा है करता कुछ भी नही...जिन्दगी बेतरतीब जीने की आदत है अतीत का व्यसन है,वर्तमान नीरस है और भविष्य का कोई नियोजन नही है सो जिन लोगो को असफल लोगो से प्यार है उनका स्वागत है। लिखने पढने का शौक तो नही कह सकता पर कभी कभी कुछ मन मे होता है तो कह देता हूं, डिग्री,पदवी,ओहदे से कोई ताल्लुक नही है वैसे मज़ाक मज़ाक मे पी.एच.डी. हो गई है वो भी मनोविज्ञान में। खुद को तो कभी समझ नही पाएं दूसरो को क्या खाक समझेंगे? सो ना सलाह देता हूं ना लेता हूं अदब से थोडा कमजोर हूं और आदत से जज़्बाती... बस यही परिचय है अपना इसमे मेरा कुछ भी नही है सब कुछ उधार का है। |
| Interests | कला,संगीत और साहित्य से असीम अनुराग |
| Favorite music | गज़ल और अर्थपूर्ण हिन्दी फिल्मों के गीत अक्सर सुनता हूं। |
| Favorite books | गुनाहों का देवता-धर्मवीर भारती, स्त्री मेरे भीतर-पवन करण |
Which do you prefer and why: whittling with soap or whistling with wood?
i dont think so

