sunil
My blogs
| Industry | Communications or Media |
|---|---|
| Occupation | पत्रकारिता |
| Location | हुलास, राघोपुर (सुपौल), बिहार, India |
| Introduction | डूबने वालों को तिनके का सहारा भी बहुत होता है...अपने साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। भूलते-भटकते पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रख दिया और भारतीय जनसंचार संस्थान से हाथ में डिग्री लेकर नौकरी की तलाश में जुट गया। दैनिक जागरण से शुरू हुआ यह सफर फिलहाल एक टीवी चैनल समूह तक पहुंचा है। मंजिल कहां है मुझे खुद पता नहीं क्योंकि मेरा यकीन है कि चलते रहते हैं कि चलना ही है मुसाफिर का नसीब। पत्रकार हूं और इस पेशे की वास्तविकता से भली-भांति परिचित हो चुका हूं। कोई बड़ी उपलब्धि नहीं मानता पत्रकार बनकर। हां इतना जरूर है, जितनी मेहनत की उसके हिसाब से पारिश्रमिक ज्यादा ही पा रहा हूं। कोई शिकवा-शिकायत नहीं, कोई वैचारिक क्रांति फैलाने का जोश नहीं रखता। अपनी सोच यही कहती है कि खुद सुधरे रहो, यही बहुत बड़ी कामयाबी है। पढ़ाई से लेकर अब तक घर से करीब 13 साल से दूर हूं। ऐसा नहीं कि घर से नाता तोड़ लिया है लेकिन कभी रोजी पाने के लिए और अब रोजी बचाने के लिए घर को रोज याद भरकर ही संतुष्ट हो लेता हूं। दुनिया की भीड़ का एक हिस्सा मैं भी हूं लेकिन अपनी परछाई को पहचानने की ताकत अब कम हो रही है। दुखी प्रवृत्ति का नहीं हूं, लेकिन मेरे अंदर संवेदनाएं बहुत भरी हुई हैं। शायद इसी कारण दुनियावी चालों में अक्सर उलझ जाता हूं... |
| Interests | किताबें पढ़ना, गाने सुनना और गाना। चुटकुले सुनाना। |
| Favorite movies | सरगम, एक-दूजे के लिए, ओंकारा |
| Favorite music | सूफी, कभी-कभी चलताऊ संगीत भी कानों को सुकून पहुंचाता है। |
| Favorite books | आकाश कितना अनंत है, सूनी घाटी का सूरज, गुनाहों का देवता, महाभोज, कृष्णकली... |
