Geetkaar
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| Gender | Male |
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| Location | सीमायें क्या निर्धारित हैं, विश्व मंच है |
| Introduction | पथराये नयनों के सपने, जब जब बिखरे हैं आंखों से शब्दों की डोरी में मैने तब तब उनको पिरो लिया है पीर किसी के मौन ह्रदय की, याकि किसी के अधरों की स्मित यह कुछ ही है सबने जिसको गीतों का दे नाम दिया है |
| Interests | गीत,कहानी कविता, नाटक औ संगीत, सभी में रूचि है |
| Favorite books | उर्वशी,नीड़ का निर्माण फिर,क्या भूलूं क्या याद करूँ, अहल्या. कच-देवयानी |

