चाहत
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| Introduction | मॆरा नाम शोभा हैं, मैं अपनॆ बारॆ मॆं क्या कहुं वो कहतॆ हैं न कि सूरज को रौशनी की ज्ञरुरत नहीं होती, फूलों को इत्र की चाहत नही होती, वैसॆ ही मुझॆ मॆरॆ नाम कॆ सिवा कुछ बतानॆ की ज़रुरत नहीं होती, |
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| Interests | खाना बनाना, टीवी दॆखना |
| Favorite movies | कल हो न हो, गुरु, कुछ कुछ होता है, |
| Favorite music | हर घड़ी बदल रही है रुप जिन्दगी, फलक तक चल साथ मॆरॆ, कैसी सरहदॆं कैसी मजबुरियां मैं यहां हुं |
