RAKESHRATHAUR786
My blogs
| Gender | Male |
|---|---|
| Industry | Marketing |
| Location | BANGALORE, KARNATKA, India |
| Introduction | खत्म प्यार के ए दोस्त सिलसिले नहीं होते. दूरिया तो होती है फासले नहीं होते. कोई बात सतयुग में अनकही रही होंगी, वरना होठ मूरत के अधखुले नहीं होते. मै बचाव कर लेता अपना संगबरी से, हाथ अगर खुले होते लब सिले नही होते, तुम ठहर गए होगे साए में दरखतों के, धुप के मुसाफिर तो सावले नहीं होते, आप के खिलोने तो खुद चटक गये होंगे, हम गरीब बच्चों में मनचले नहीं होते, "सुधा"राकेश" मै तो उढ़कर ही चाँद तक पंहुच जाता , धूप की तमाज्त से पर जले नहीं होते. ***************************** मस्जिद में नमाज करता हूँ,मंदिर में जाप करता हूँ | कही खुदा न बन जाऊ, थोडा सा पाप करता हूँ | ****************************************************** हर ख़ुशी को तेरी तरफ मोड़ दूँ , "तेरी लिए चाँद तारे तक तोड़ दूँ , खुशियों के दरवाजे '"सुधा-राकेश'" तेरे लिए खोल दूँ , इतना काफी है या दो चार और झूठ बोल दूँ*** |
| Interests | CRICKET,CHESS,SWIMMING. |
| Favorite movies | om jay jagdish,dewaar,hera pheri,phir hera pheri. |
| Favorite books | GITA |

