प्यारा दुश्मन
My blogs
Blogs I follow
| Gender | Male |
|---|---|
| Industry | Communications or Media |
| Occupation | Journalism, Writer |
| Location | Kota, Rajasthan, India |
| Introduction | कोई चलता पदचिह्नों पर, कोई पदचिह्न बनाता है, है वही सूरमा इस जग में, दुनिया में पूजा जाता है। कोटा के चेचट गांव में 1 अक्टू. 1976 को जन्म, ग्रामीण संयुक्त परिवार में शिक्षक पिता और शिक्षित माता के 4 पुत्रों में ज्येष्ठ। शिक्षा सरकारी स्कूलों में, कोई क्षोभ नहीं कि कान्वेन्ट या निजी स्कूलों में नहींंं पढ़े। अपनी मानवीय घड़ाई से पूर्ण संतुष्ट। मनमौजी शुरू से। सच की जीवटता। दृढ़ धारणा कि, असम्भव कुछ नहीं! आदर्श-व्यवहार में अन्तर नहीं। पुरुषार्थ, जीवटता चाहिए! वो कल के गांधी, सुभाष, हम आज के! पिताजी की इच्छा थी कि जज या वकील बनूंं सो लॉ किया। चाह कभी नहीं रही। प्रशासनिक सेवा की इच्छा थी, बन नहीं पाया। बीए के बाद 1996 में निजी स्कूल की नौकरी। राजस्थान पत्रिका में नौकरी के लिहाज से 1999 में पत्रकारिता की डगर पर, इसके प्रतिमानों से अनभिज्ञ, अनायास बढ़ आया। वरिष्ठों के मंत्रों का आचमन कर रमता गया। ब्लॉङ्क्षगग का नाम बहुत सुना, पढ़ा। साथियों के प्रस्ताव पर इस दुनिया में आ रहा। न ज्ञानी हूं, न साहित्य सृजक। एक सहज व्यक्ति जिसे कर्माधार पर पत्रकार कहा जा रहा। जयतु शब्द ब्रह्म, जयतु हिंद -099280-81897 |
| Interests | पढऩा, लिखना, संगीतमय रामचरितमानस पाठ |
| Favorite movies | यूं तो पिक्चर मैं देखता ही नहीं। ऑफिस से लौटने के बाद या दिन में कभी जब पांच-दस पन्द्रह मिनट मन हो टी.वी. खोल लेता हूं। चैनल पलटते वक्त जो फिल्म टी.वी.पर आ जाती है तो जितना समय मिला देख लेता हूं। पूरी देखना भी जरूरी नहीं। सैकड़ों फिल्मों की झलकियां याद है। जिन्हें देखकर यह बता सकता हूं कि कौनसी पिक्चर है। पिक्चर हॉल मैंने कभी नहीं देखा न ही देखने की तमन्ना है। |
| Favorite music | संगीतमय रामचरित मानस पाठ, भजन, लोकगीत, राष्ट्रभक्ति गीत |
| Favorite books | रामचरित मानस, गीता |

