dr ravi sharma
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| Gender | Male |
|---|---|
| Industry | Consulting |
| Occupation | doctor turned writer |
| Location | chandigarh, India |
| Introduction | 'कुछ तो तेरे प्यार के मौसम ही मुझे रास कम आए, और कुछ मेरी मिट्टी में बगावत भी बहुत थी'. बस यही है मेरी फितरत. कुछ ही लोग मेरे दिल और दिमाग तक पहुँच पाते हैं. वैसे तो किसी शायर ने कहा है कि 'परखना मत, परखने से कोई अपना नहीं रहता', लेकिन मेरी आदत है छोटी छोटी बातें पकड़ना और उनका विश्लेषण करते रहना. और बगावती मिट्टी से पैदा हुई सोच का ही नतीजा है कि डाक्टरी की प्रेक्टिस छोड़कर पत्रकार बन गया...!!! रास तो खैर यह भी नहीं आ रहा. |
| Interests | पढना, साहित्य, अखबार, रिसाले, पोस्टर, कुछ भी...हिंदी फिल्में देखना, श्वेत-श्याम भी देख लेता हूँ, अनजाने शहरों में बेसबब घूमना, फोटोग्राफी करना, कवितायें, कहानियाँ लिखना ... |
| Favorite movies | अर्थ, मासूम, आंधी, किसी एक फूल का नाम लो, एक बार मुस्करा दो, एक रुका हुआ फैसला, एक डाक्टर की मौत, सरफरोश, गंगाजल, लव आजकल.... |
| Favorite music | हिंदी पुराने गाने, फ़रिश्ता चैनल, गज़लें खासकर मिर्जा ग़ालिब, सुदर्शन फाकिर, निदा फाजली, बशीर बद्र और साहिर की लिखी.अब इरशाद कामिल भी अच्छा लग रहा है. |
| Favorite books | स्वदेश दीपक की लिखी 'मैंने मांडू नहीं देखा', 'मसखरे कभी रोते नहीं', निर्मल वर्मा की 'लाल टीन की छत', राजकुमार राकेश की लिखी 'साउथ ब्लाक में गांधी', उदय प्रकाश की 'पीली छतरी वाली लड़की'.यशपाल की कहानियां, खासकर 'तुमने क्यों कहा था मैं सुंदर हूँ'. दसवीं क्लास में पढा जीवन का पहला उपन्यास तोल्स्तोय का लिखा 'अन्ना कारेनिना' आज भी पसंद है. |

