Ramchandra Tetarwal
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| Gender | Male |
|---|---|
| Occupation | Business |
| Location | Titriya Jaipur, Rajasthan, India |
| Introduction | लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है, चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है. मन का विश्वास रगों में साहस भरता है, चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है. आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है, जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है. मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में, बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में. मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो, क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो. जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्श का मैदान छोड़ कर मत भागो तुम. कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती RAM CHANDRA CHOUDHARY |
| Interests | मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है बड़ी शातिर है ये दुनिया बहाना ढूंढ लेती है हकीकत जिद किए बैठी है चकनाचूर करने को मगर हर आंख फिर सपना सुहाना ढूंढ लेती है न चिडि़या की कमाई है न कारोबार है कोई वो केवल हौसले से आबोदाना ढूंढ लेती है समझ पाई न दुनिया मस्लहत मंसूर की अब तक जो सूली पर भी हंसना मुस्कुराना ढूंढ लेती है उठाती है जो खतरा हर कदम पर डूब जाने का वही कोशिश समन्दर में खजाना ढूंढ लेती है जुनूं मंजिल का, राहों में बचाता है भटकने से मेरी दीवानगी अपना ठिकाना ढूंढ लेती है _____________________________________ मैं दो कदम चलता और एक पल को रुकता मगर..... इस एक पल जिन्दगी मुझसे चार कदम आगे बढ जाती । मैं फिर दो कदम चलता और एक पल को रुकता और.... जिन्दगी फिर मुझसे चार कदम आगे बढ जाती । युँ ही जिन्दगी को जीतता देख मैं मुस्कुराता और.... जिन्दगी मेरी मुस्कुराहट पर हैंरान होती । ये सिलसिला यहीं चलता रहता..... फिर एक दिन मुझे हंसता देख एक सितारे ने पुछा.......... " तुम हार कर भी मुस्कुराते हो ! क्या तुम्हें दुख नहीं होता हार का ? " तब मैंनें कहा................ मुझे पता हैं एक ऐसी सरहद आयेगी जहाँ से आगे जिन्दगी चार कदम तो क्या एक कदम भी आगे ना बढ पायेगी, तब जिन्दगी मेरा इन्तज़ार करेगी और मैं...... तब भी युँ ही चलता रुकता अपनी रफ्तार से अपनी धुन मैं वहाँ पहुँगा....... एक पल रुक कर, जिन्दगी को देख कर मुस्कुराउगा.......... बीते सफर को एक नज़र देख अपने कदम फिर बढाँउगा। ठीक उसी पल मैं जिन्दगी से जीत जाउगा......... मैं अपनी हार पर भी मुस्कुराता था और अपनी जीत पर भी...... मगर जिन्दगी अपनी जीत पर भी ना मुस्कुरा पाई थी और अपनी हार पर भी ना रो पायेगी" ******** |
| Favorite movies | Lagaan,Vivah,DDLJ,...... |
| Favorite music | Sad songs and pip pop music |
| Favorite books | Geeta, Chankya Niti,Ramayan.... |

