HARI SINGH MARAVI IN GONDWANA
My blogs
Blogs I follow
| Gender | Male |
|---|---|
| Industry | Publishing |
| Occupation | Social book writing and publish, poltics |
| Location | Jabalpur, Madhya Pradesh, India |
| Introduction | आज आदिवासी भटक रहा है। कारण आदिवासी समाज में नेतृत्व की कमी। आजादी के बाद से आज तक इस समाज ने अपना नेता नहीं बनाया। इनका अपना कोई वजूद नहीं है। आजादी के बाद आदिवासी समाज बहुत कुछ सुद्धृण था, हमारी यह हालत हमारे ही नेतृत्व कर्ताआं की वजह से हुई है। अनुसूचित जनजाति और जनजाति में आज जमीन आसमान का अंतर है याद रखों जो आरक्षण के बल पर आप यंहा तक पंहुचे हो.... इस आरक्षण पर तुम्हारा अधिकार नहीं है.. बाद सबसे ज्यादा विस्थापन का दर्द -हजयेल रहा देखे होते तो आज इस समाज की ये हालत नहीं होती। जब तक आप ये और वो करते रहोगे तब तक ये वर्ग एक नहीं होगा। आप सिर्फ इस दे-रु39या तथा इस भूभाग के मूलनिवासी हैं, आज समाज की ये द-रु39याा देख कर लगता है, कि हम आजाद दे-रु39या के गुलाम नागरिक हैं। जिस समाज की धर्म, भा-ुनवजयाा, साहित्य, संस्कृति को सरेआम मिटाया जा रहा हो तब ये समाज क्या करेगा........? में आदिवासी वर्ग के हर उस व्यक्ति से कहना चाहॅेूगा कि.., कि तुमने जिस समाज की माॅ का दूध पिया, जिस समाज के बीच तुम पले ब-सजय़े, , जिस समाज ने तुम्हें रोटी और बेटी दी, और मरने के बाद यही समाज तुम्हें कांधा भी देकर तुम्हें इस समाज से बिदा करेगा. क्या उस समाज का तुम्हारे उपर कर्ज नहीं है......? कर्ज है. |
| Interests | SOCIAL |
| Favorite movies | KRANTI, LAL SALAM, TISRI AAZADI, DOSTI, SILSILA |
| Favorite music | TRIBAL CULTURE SONG |
| Favorite books | THE POOSING OF THE FRONT, SWET MARDEN, |

