barbiteach
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| Gender | Female |
|---|---|
| Industry | Education |
| Occupation | शिक्षक |
| Location | गुडगाँव, .हरियाणा, India |
| Introduction | मेरे बारे मे जो भी कहा जाए वो अधिक ही होगा क्युकी मे जो भी हूँ और जो भविष्य मे हूँगी वो सब काल का खेल है आज मे एक माँ हूँ इसके अलावा शिक्षक जो भी जीवन मे मैंने अपने परिवार और अपने पति के विश्वाश से पाया है वो अच्छे संस्कार मे अपने बच्चो को दू यही मेरे विषय मे कहा जा सकता है यही एक अध्यापक के रूप मे मेरी जिम्मेदारी बनती है इस देश और समाज के प्रति मेरी |
| Interests | जिन्दगी मे रुचि जितनी कम या अधिक हो लेकिन जीते सभी है मेरा जीवन उन सब से हटकर है मेरी रुचि पहले है मे केवल वही करती हूँ जो मैंने सोचा हो मेरी रुचि की सूची भी उतनी लम्बी है जिसे पढा कर मे आपको बोर नही करना चाहती |
| Favorite movies | अक्सर भावनात्मकता से भरपूर चलचित्र ही मुझे पसंद है इसलिए मुझे पारिवारिक चलचित्र ही पसंद है जैसे - दो आँखे बारह हाथ(व्ही शांताराम), माँ (धर्मेन्द्र), परिवार और अन्य ह्श्मुख चलचित्र जो ढेर सारी है मुझे हरियाणवी चलचित्र भी बेहद पसंद है उलेखनीय लाडो बसंती , गुलाबो ,बैरी ,चंद्रावल ,जर जोरू और जमीन |
| Favorite music | संगीत के तार तो आत्मा से जुड़े हुए है इसलिए अक्सर सभी तरह के संगीत सुन लेती हूँ विशषकर जब जिस तरह का मनोवेग होते है उसी प्रकार का संगीत अति प्रिय लगता है |
| Favorite books | शिक्षक होने के नाते और उससे पहले विधार्थी होने के नाते पुस्तको से विशेष लगाव रहा है जब भी दिल्ली मे पुस्तक मेले लगे है मुझे तो मन की मुराद पूरा होने जैसा लगता है मुझे हिन्दी साहित्य से विशेष लगाव रहा है इसका मुख्य कारण मुझे हिन्दी का मात्र भाषा होना ही लगता है लेकिन जो रचनाकार हिन्दी मे लिखते रहे उनमे महान दार्शनिक ,विद्वान ,चिन्तक और धार्मिक विभुतिया हुई है जिनके लेख अपने आप मे किसी भी बड़े से बड़े सहित्यकार से अच्छे और जीवन की सच्चाई का पाठ पढाने वाले है यदि आप भारतीय लेखको को पढ़ते होंगे तो आप मेरी बात से सहमत होंगे |
