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कामेश्वर श्रीवास्तव निरंकुश
On Blogger since: May 2012
Profile views: 412

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About me

GenderMale
Occupationलेखन
LocationRanchi, Jharkhand, India
LinksAudio Clip
Introductionसमाज की यथार्थ भूमि पर संस्कार और विवेक की कशमकश ही कविता का विषय होती है.भागते-दौड़ते सन्दर्भ, जीवन की विसंगतियों और समय की आपाधापी से उत्पन्न स्थितियों के खटते-मीठे अनुभव ही मस्तिष्क में घनीभूत हो कर हृदय से होते हुए. कलम की नोक से छलक पड़ते हैं. कविता मेरी स्वाभाविक अभिव्यक्ति, संकल्प है और विश्वास.व्यस्तता मेरी नियति है. इसी व्यस्तता के मध्य शब्दों के झरने फूट पड़ते हैं. शब्द झरनों के चिरंतन स्पर्श से ऊर्जाविंत हो जाता हूँ......
Interestsकाव्य पाठ
Favorite moviesदिलीप कुमार की गंगा-जमुना
Favorite musicभोजपुरी
Favorite booksरामचरितमानस
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