Swapandarshi
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| Gender | Male |
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| Introduction | स्वप्नलोक मानसिक तृप्ति का द्वार है। कभी-कभी गहरी नींद में आप जब स्वप्न देखते हैं जगने बाद भी उस स्वप्न का स्वाद आपके मन - मस्तिष्क में बरकरार रहता है। यदि आप भावजगत में प्रवेश करते हैं यानि जगते आंखों में ही कोई स्वप्न देखते है तो उस से भी आपको आनन्द की अनुभूति होती है। मैं मानता हॅू जो स्वप्न देख पाते हैं वह उस स्वप्न को साकार भी कर सकता है। |
