विजय कुमार दत्ता
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| Gender | Male |
|---|---|
| Industry | Education |
| Location | शेरघाटी,गया, bihar, India |
| Introduction | रंगकर्मी, कलाकार , फोटोग्राफर , साहित्यकार |
| Interests | मैं अपनी पसंद नापसंद के बारे में क्या बताऊ, मैं खुद नहीं समझ पाता कि क्या पसंद है मुझे , कपडा लेने जाता हूँ तो सोचता हु फलां की तरह खुबसूरत और चमकदार कपडे खरीदूंगा. बापस आता हूँ तो बच्चे कहते है " क्या पिता जी फिर से वही मटमैले रंग का कपडा" मैं सोचता हूँ या तो मुझे रंग पहचानना नहीं आता या तो रंगों में इतना खो जाता हूँ कि क्या तय कर के आया था भूल जाता हूँ . कहता था तो माँ कहती थी कि" आप रूपी भोजन और पर रूपी सृंगार". अर्थ - भोजन अपने पसंद से और सृंगारदुसरो के पसंद से. |
