शेखचिल्ली का बाप
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| Gender | Male |
|---|---|
| Introduction | I am father of my very own son, shekhchilly. सच्ची दुनिया मायूस करती है। आदमी के अंदर की आशा उसे जमाए रखती है। आशा और कल्पना जब हद से बढ़ी हो तो उसे शेखचिल्लीपना कहा जाता है। हमें आगे बढ़ाने में हमारी अक्ल से ज्यादा हमारे शेखचिल्लीपने का हाथ होता है, इसे हम कभी नहीं जान पाते। शेखचिल्ली कोई कल्पना नहीं है बल्कि एक सच है जो हमारे सामने भी है और हमारे अंदर भी। ईश्वर अंदर है या बाहर यह तो कोई ज्ञानी ही बता सकता है परंतु एक शेखचिल्ली सबके भीतर मौजूद है और मैं उसका बाप हूं। यही है मेरा परिचय। |
| Interests | गति धीमी है। गलती संभव है। क्षमा पहले करना, पढ़ना बाद में। वैसे भी पढ़कर करोगे क्या ? टिप्पणी की आशा मुझसे तो बेकार ही है। अब देखता हूं कि बाप मैं अकेला ही हूं या कोई मेरा भी बाप है ? कौन सिद्ध होगा मेरा पिताश्री ? यह भविष्य के गर्भ में छिपा है। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो कि मेरा बाप सिद्ध हो सकता हो तो उसका यू आर एल देने का कष्ट जरूर करें। आपका आभारी मैं बस ऊपरी दिल से हो जाऊंगा जैसे कि आप वैसे ही नाइस पोस्ट टीपते रहते हो। Show must go on . |
